- महाशिवरात्रि से पहले उज्जैन में हाई अलर्ट: देवास गेट से रेलवे स्टेशन तक संयुक्त सर्च ऑपरेशन, 100 पुलिसकर्मी पांच टीमों में तैनात
- महाशिवरात्रि पर महाकाल दर्शन के लिए डिजिटल कंट्रोल रूम, गूगल मैप से तय होगा आपका रास्ता: जाम लगते ही मैप से गायब होगा रूट, खाली पार्किंग की ओर मोड़ दिया जाएगा ट्रैफिक
- महाकाल मंदिर में अलसुबह भस्मारती की परंपरा, वीरभद्र के स्वस्तिवाचन के बाद खुले चांदी के पट; पंचामृत अभिषेक और राजा स्वरूप में हुआ दिव्य श्रृंगार
- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर मुख्यमंत्री की सख्त समीक्षा, कहा - “काम में रुकावट नहीं चलेगी”; अधिकारियों को 24×7 सक्रिय रहने के दिए निर्देश
- महाकाल मंदिर में अलसुबह गूंजी घंटियां, वीरभद्र के कान में स्वस्तिवाचन के बाद खुले पट; भस्म अर्पण के बाद शेषनाग रजत मुकुट में सजे बाबा
प्रथम सम्मेलन आयोजित:जनपद पंचायत अध्यक्ष ने पहले परिसर को गंगाजल से पवित्र किया, शपथ लेकर कहा- मिलकर करेंगे विकास, भाजपा के 6 सदस्य नदारद
चुनाव के 138 दिन बाद और अधिसूचना प्रकाशन के 30वें दिन मंगलवार को आयोजित प्रथम सम्मेलन में पहुंची जनपद पंचायत उज्जैन की अध्यक्ष विंध्या पंवार ने सबसे पहले पंचायत के संपूर्ण परिसर को गंगाजल से पवित्र किया। बटुकों के मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने उपाध्यक्ष नासिर पटेल सहित निर्वाचित सदस्यों के साथ शपथ ली व पदभार ग्रहण कर सम्मेलन को संबोधित किया।
पंवार ने कहा कि बगैर किसी भेदभाव के सभी को साथ लेकर जनपद की सभी 76 पंचायतों के 131 गांवों का विकास करेंगे। पदभार ग्रहण के दौरान कांग्रेस के जिला ग्रामीण अध्यक्ष कमल पटेल, विधायक रामलाल मालवीय, राजेंद्र वशिष्ठ, देवेंद्रसिंह पंवार मौजूद रहे। पहले सम्मेलन में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष सहित 25 निर्वाचित सदस्यों में से 19 उपस्थित और भाजपा समर्थित 6 अनुपस्थित रहे।
सड़कों की मरम्मत के लिए सौंपे मांग पत्र
प्रथम सम्मेलन के बाद अध्यक्ष पंवार की तरफ से कलेक्टर आशीष सिंह को दो मांग पत्र सौंपें गए। पहले में जनपद पंचायत के अंचल से जुड़ी जवासिया से तालोद फतेहाबाद, गंगेड़ी से ब्रजराजखेड़ी, उमरिया खालसा फंटा से ऐरवास खेमासा तक, टंकारिया से लेकोड़ा, टंकारिया से भेरुखेड़ा, बामोरा से आकासोदा बूचाखेड़ी खेमासा, आकासोदा से असलाना और झिलोरिया से फतेहाबाद सहित आठ सड़कों की रिपेयरिंग के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित करने की मांग की गई। दूसरे मांग पत्र में अंचल के जंगलों में बढ़ रही नीलगायों की समस्या से अवगत करवाते हुए इन्हें पकड़वाकर दूर छुड़वाने का आग्रह किया गया।